दिवाली है त्यौहार मानने कोज्ञान दीप जलाकर अज्ञान भगाने कोआत्म बोध के बाण से "मैं" को हराने कोअद्वैत वेदांत से आनंद रस में आने कोराम अद्वैत है, श्याम अद्वैत हैअद्वैत है सत्य, सत्य स्वीकार ज्ञानी को🙏
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नर्क की आदत
वृत्ति को और छोटा करते हैं - आदत से शुरू करते हैं। व्यक्ति अधिकांशत अपनी आदत का गुलाम होता है अपनी कल्पना में हम खुद को आज़ाद कहते हैं, पर क...
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खेल है प्रकृति का, गुण दिए हैं प्रकृति ने। तुम नाहक ही अपने पर ले रहो हो । तुम तो ताश के पत्तों के समान हो, जो हो वो हो खेल में, खेल ही ब...
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राम घर मिल जाएँ तो अच्छा है। राम घर न मिलें तो अच्छा है। तलाश राम की जारी रखें तो अच्छा है। गुरु घर मिल जाएँ तो अच्छा है। गुरु घर न मिले...
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जीवन आपको व्यस्त रखे है, उलझाए हुए है, जीवन लगातार गतिमान है। कुछ-न-कुछ नया लगातार आपके सामने आ ही रहा है। कोई-न-कोई चुनौती आपके सामने है। ...
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